धान घोटाले की परतें खुलीं (Haryana): करनाल में ‘घोस्ट खरीद’ मामले में मिलर-आढ़ती गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क बेनकाब
हरियाणा में कथित धान खरीद घोटाले की जांच तेज करते हुए करनाल पुलिस ने गुरुवार को एक मिलर-cum-आढ़ती को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी गेट पास के जरिए “घोस्ट प्रोक्योरमेंट” करने का आरोप है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान देविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो करनाल अनाज मंडी में आढ़त की दुकान चलाता है।
पुलिस के अनुसार देविंदर सिंह को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसकी रिमांड मांगी जाएगी ताकि इस पूरे घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सके। डीएसपी ने बताया कि अब तक इस मामले में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB), खरीद एजेंसियों, मंडी कर्मचारियों, मिलरों और आढ़तियों समेत सात लोग या तो गिरफ्तार किए जा चुके हैं या जांच के दायरे में हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी गेट पास का इस्तेमाल कर अवैध लाभ उठाया, जिससे राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचा। पुलिस का कहना है कि देविंदर सिंह एक बड़े ‘घोस्ट प्रोक्योरमेंट नेटवर्क’ का हिस्सा था और मंडी समिति व खरीद एजेंसी के अधिकारियों की मिलीभगत से मंडियों के बाहर फर्जी एंट्री कराई गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, कई अन्य मिलर और आढ़ती भी रडार पर हैं।
यह घोटाला तब उजागर हुआ जब रिकॉर्ड में दर्ज धान की भौतिक जांच की गई। जांच में पता चला कि कागजों में दिखाई गई भारी मात्रा में धान वास्तव में कभी मंडी में आया ही नहीं था। शुरुआत में इस मामले में करनाल मार्केट कमेटी की तत्कालीन सचिव आशा रानी और तीन कर्मचारियों—राजेंद्र कुमार, अमित कुमार और अजय कुमार—के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच आगे बढ़ने पर नीलामी रिकॉर्डर यशपाल, निलंबित मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और अन्य लोगों—समीर, अंकित और अंकुश—के नाम भी सामने आए। HSAMB ने आशा रानी और यशपाल को निलंबित किया, जबकि समीर को उसके विभाग ने सस्पेंड कर दिया।
अब तक पंकज तुली, अंकित, अंकुश, नरेश गर्ग (आढ़ती) और देविंदर सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आशा रानी और यशपाल जांच में शामिल हो चुके हैं। डीएसपी के अनुसार, पंकज तुली की 20 नवंबर को पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जहां उन्हें जेल से शिफ्ट किया गया था।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में दर्ज सभी छह एफआईआर की हर पहलू से जांच की जा रही है। “जो भी व्यक्ति किसी भी स्तर पर दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा,” उन्होंने कहा।
धान खरीद व्यवस्था में हुई इस कथित हेराफेरी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और आने वाले दिनों में जांच के और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
