Haryana: Oilseeds gain ground as farmers shift beyond wheat in Ambala, Kurukshetra
By Nitish Sharma Oilseed crops, particularly mustard and toria, are steadily gaining popularity among farmers in Ambala and Kurukshetra districts,
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Read Moreमध्य भारत एक ऐतिहासिक आयोजन के लिए तैयार है—जो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देगा। राइसएंडग्रेनप्रो-टेकएक्सपो 2025 के साथ बायोफ्यूलएंडएनर्जीएक्सपोएवंकॉन्फ्रेंस 2025 का संयुक्त आयोजन 7 से 9 नवंबर 2025को श्रीराम बिज़नेस पार्क, रायपुर में होने जा रहा है। यह पहली बार होगा जब दो प्रमुख उद्योग—मिलिंग टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी—एक ही स्थान पर इतने विशाल स्तर पर एकत्र होंगे। इस भव्य आयोजन में 10+ देशों के 400 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल होंगे, जो चावल, पोहा, दाल, आटा और अन्य अनाज मिलिंग उद्योग के लिए अत्याधुनिक मशीनरी, प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, रोबोटिक और डिजिटल ऑटोमेशन, पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल उपकरण और अत्याधुनिक भंडारण तकनीक प्रस्तुत करेंगे। छत्तीसगढ़, जहाँ 3,320 से अधिक राइस मिलें और बड़ी संख्या में दाल, आटा एवं अन्य ग्रेन मिल्स संचालित हैं, के लिए यह Expo आधुनिकीकरण, वैल्यू ऐडिशन, उत्पादन क्षमता वृद्धि और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। इसी के साथ, पहली बार मध्य भारत में बायोफ्यूल एंड बायोएनर्जी एक्सपो एवं कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगा, जिसमें 100+ प्रदर्शक और विशेषज्ञ एथेनॉल, बायोफ्यूल, CBG, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर, पैलेट्स, ब्रिकेट्स और वेस्ट-टू-एनर्जी टेक्नोलॉजी पर समाधान प्रस्तुत करेंगे। इस प्लेटफ़ॉर्म पर वे तकनीकें प्रदर्शित की जाएँगी, जिनसे कृषि, उद्योग और मिलिंग से निकलने वाले अपशिष्ट— जैसे भूसा, चोकर, फसल अवशेष, पोल्ट्री अपशिष्ट और जैविक पदार्थ—को ईंधन, ऊर्जा और अतिरिक्त आय में बदला जा सकता है। यह न केवल भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उद्योगों को कम लागत, अधिक मुनाफा और पर्यावरणीय स्थिरता का रास्ता भी दिखाता है। प्रदर्शनी के साथ एक उच्च–स्तरीय ज्ञान सम्मेलन भी आयोजित होगा, जिसमें शीर्ष विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, उद्योग नेता और शोधकर्ता शामिल होंगे। इसमें नीति संवाद, तकनीकी कार्यशालाएँ, उद्योग पैनल और विशेष सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें ग्रीन एनर्जी अपनाने, सरकारी योजनाओं, नए बिज़नेस मॉडल और निवेश अवसरों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए जाएँगे। CBDA, GAIL और SAMARTH मिशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वक्ता सम्मेलन में मुख्य भूमिका निभाएँगे। एक्सपो में छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों से मिलर्स, उद्योगपति, उद्यमी, तकनीक खरीदार, निवेशक, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ और सरकारी प्रतिनिधियों के बड़ी संख्या में पहुँचने की संभावना है। आयोजकों ने कहा:“यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उद्योग परिवर्तन का मंच है। राइस एवं अनाज प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी तथा जैव ईंधन एवं जैव ऊर्जा प्रदर्शनी का यह संयुक्त मंच उद्योगों में नई सोच, नई तकनीक और नए अवसरों का मार्ग खोलेगा तथा उन्हें अधिक सक्षम, स्वच्छ और लाभकारी बनने में सहायता करेगा।” देश भर के सभीमिलर्स, वर्तमान एवं संभावित उद्योगपतियों, तथा ऊर्जाऔरप्रौद्योगिकी में रुचि रखने वाले युवाओं व उद्यमियों से इस महत्त्वपूर्ण सम्मेलन में सम्मिलित होने का
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